APJ Abdul Kalam Biography in Hindi : एपीजे अब्दुल कलाम की जीवनी भारत के उन महान व्यक्तित्वों की कहानी है, जिन्होंने अपने संघर्ष, मेहनत, ज्ञान और दूरदर्शी सोच के बल पर देश और दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई। डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को भारत में “मिसाइल मैन” और “जनता के राष्ट्रपति” के नाम से जाना जाता है। विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान के साथ-साथ युवाओं को प्रेरित करने में भी उनकी विशेष भूमिका रही।
डॉ. कलाम का जीवन यह बताता है कि सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद यदि व्यक्ति के अंदर सीखने की इच्छा, मेहनत करने का जुनून और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने का दृढ़ संकल्प हो, तो वह बड़ी से बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकता है। साधारण परिवार से निकलकर भारत के राष्ट्रपति पद तक पहुँचना उनके असाधारण जीवन संघर्ष और उपलब्धियों को दर्शाता है।
उन्होंने भारत के अंतरिक्ष और रक्षा अनुसंधान कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण योगदान दिया और देश की वैज्ञानिक एवं तकनीकी क्षमता को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा, उन्होंने अपने लेखन, भाषणों और विचारों के माध्यम से देश के करोड़ों युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रेरित किया।
इस APJ Abdul Kalam Biography in Hindi का उद्देश्य उनके जीवन, परिवार, शिक्षा, वैज्ञानिक करियर, उपलब्धियों, पुस्तकों, राष्ट्रपति कार्यकाल, पुरस्कारों और जीवन दर्शन के बारे में विस्तार से जानकारी देना है। डॉ. कलाम का जीवन हमें सिखाता है कि कठिन परिस्थितियाँ सफलता की राह में बाधा जरूर बन सकती हैं, लेकिन मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति के सामने कोई भी चुनौती स्थायी नहीं होती।
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अब्दुल कलाम का प्रारंभिक जीवन और परिवार (Early Life and Family)
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वरम में हुआ था। उनका पूरा नाम अवुल पकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम था। उनका जन्म एक साधारण मुस्लिम परिवार में हुआ था, जहाँ आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी, लेकिन परिवार में अच्छे संस्कार, ईमानदारी, अनुशासन और मेहनत को विशेष महत्व दिया जाता था।
उनके पिता का नाम जैनुलाब्दीन और माता का नाम आशियम्मा था। उनके पिता नाव चलाने का काम करते थे और धार्मिक गतिविधियों से भी जुड़े हुए थे। उनकी माता एक गृहिणी थीं। परिवार के साधारण वातावरण और सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद अब्दुल कलाम ने बचपन से ही पढ़ाई और ज्ञान प्राप्त करने के प्रति गहरी रुचि दिखाई।
APJ Abdul Kalam Biography in Hindi Overview

| विवरण | जानकारी |
| पूरा नाम | अवुल पकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम |
| प्रसिद्ध नाम | डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम |
| जन्म तिथि | 15 अक्टूबर 1931 |
| जन्म स्थान | रामेश्वरम, तमिलनाडु |
| पिता का नाम | जैनुलाब्दीन |
| माता का नाम | आशियम्मा |
| पिता का कार्य | नाविक एवं धार्मिक गतिविधियों से जुड़े हुए |
| परिवार | चार भाई और एक बहन |
| बचपन का निवास | रामेश्वरम, तमिलनाडु |
| निधन | 27 जुलाई 2015 |
डॉ. कलाम का बचपन आर्थिक कठिनाइयों के बीच बीता। परिवार की मदद करने के लिए उन्होंने छोटी उम्र में अखबार बेचने का काम भी किया। हालांकि परिस्थितियाँ कठिन थीं, लेकिन उन्होंने कभी अपनी पढ़ाई और सपनों से समझौता नहीं किया।
उनके माता-पिता ने उन्हें ईमानदारी, अनुशासन, सादगी और मेहनत जैसे महत्वपूर्ण जीवन मूल्यों की शिक्षा दी। यही मूल्य आगे चलकर उनके व्यक्तित्व की मजबूत नींव बने। स्कूल के दौरान उनके कुछ शिक्षकों ने भी विज्ञान और गणित के प्रति उनकी रुचि को प्रोत्साहित किया।
बचपन में ही उनके मन में आकाश, उड़ान और विज्ञान को लेकर जिज्ञासा पैदा हुई। यही जिज्ञासा आगे चलकर उन्हें एयरोस्पेस और अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र तक ले गई। डॉ. कलाम के प्रारंभिक जीवन से यह स्पष्ट होता है कि व्यक्ति की परिस्थितियाँ चाहे जैसी भी हों, सही मार्गदर्शन और मजबूत इच्छाशक्ति उसे अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ा सकती है।
शिक्षा और प्रारंभिक करियर (Education and Early Career)
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की प्रारंभिक शिक्षा रामेश्वरम में हुई। बचपन से ही वे पढ़ाई के प्रति गंभीर और जिज्ञासु विद्यार्थी थे। विशेष रूप से उन्हें गणित और विज्ञान विषयों में काफी रुचि थी। कठिन आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और शिक्षा को अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया।

स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने तिरुचिरापल्ली के सेंट जोसेफ कॉलेज में प्रवेश लिया। वहाँ से उन्होंने भौतिकी में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। उच्च शिक्षा के दौरान उनकी रुचि धीरे-धीरे विमान और एयरोस्पेस तकनीक की ओर बढ़ने लगी।
इसके बाद उन्होंने मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) में दाखिला लिया, जहाँ उन्होंने एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। MIT में पढ़ाई के दौरान उन्हें कई कठिन प्रोजेक्ट और तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने अपनी मेहनत, अनुशासन और तकनीकी क्षमता के बल पर इन चुनौतियों को पूरा किया।
शिक्षा पूरी करने के बाद डॉ. कलाम ने अपने करियर की शुरुआत रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) में वैज्ञानिक के रूप में की। इसके बाद वे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) से जुड़े। ISRO में उन्होंने भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम और उपग्रह प्रक्षेपण तकनीक के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उनके शुरुआती करियर ने आगे चलकर भारत के अंतरिक्ष और रक्षा क्षेत्र में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका की नींव रखी। वैज्ञानिक के रूप में उनके अनुभव ने उन्हें न केवल तकनीकी ज्ञान दिया, बल्कि टीमवर्क, नेतृत्व और बड़े राष्ट्रीय लक्ष्यों के लिए काम करने की क्षमता भी विकसित की।
वैज्ञानिक और तकनीकी उपलब्धियाँ (Scientific and Technological Achievements)
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का वैज्ञानिक जीवन भारत के अंतरिक्ष और रक्षा कार्यक्रमों के विकास से गहराई से जुड़ा हुआ था। उन्होंने भारत को वैज्ञानिक और तकनीकी रूप से अधिक सक्षम बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं में योगदान दिया।
ISRO में रहते हुए उन्होंने भारत के Satellite Launch Vehicle-3 (SLV-III) कार्यक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस कार्यक्रम के माध्यम से भारत ने स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपण क्षमता विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की। SLV-III से रोहिणी उपग्रह को पृथ्वी की कक्षा में स्थापित करने की सफलता भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि थी।
इसके बाद डॉ. कलाम ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ संभालीं। वे भारत के Integrated Guided Missile Development Programme (IGMDP) से जुड़े रहे। इस कार्यक्रम के अंतर्गत पृथ्वी, अग्नि और अन्य मिसाइल प्रणालियों के विकास में महत्वपूर्ण कार्य हुआ।
मिसाइल और रक्षा तकनीक के क्षेत्र में उनके योगदान के कारण उन्हें देशभर में “मिसाइल मैन ऑफ इंडिया” के नाम से प्रसिद्धि मिली। हालांकि उनके योगदान को केवल मिसाइल तकनीक तक सीमित नहीं किया जा सकता। उन्होंने विज्ञान, तकनीक, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण को एक-दूसरे से जोड़कर देखने पर जोर दिया।
डॉ. कलाम ने भारत के रणनीतिक और वैज्ञानिक कार्यक्रमों से जुड़े महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रयासों में भी भूमिका निभाई। 1998 के पोखरण-II परमाणु परीक्षणों के दौरान वे भारत के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकारों में शामिल थे और राष्ट्रीय वैज्ञानिक नेतृत्व का हिस्सा थे।
वैज्ञानिक उपलब्धियों के साथ-साथ डॉ. कलाम ने लेखन को भी अपने जीवन का महत्वपूर्ण माध्यम बनाया। उन्होंने “Wings of Fire”, “India 2020” और “Ignited Minds” जैसी पुस्तकों के माध्यम से अपने अनुभव और विचार आम लोगों, विशेषकर युवाओं तक पहुँचाए।
उनका सपना था कि भारत विज्ञान, शिक्षा, तकनीक और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़े और एक विकसित राष्ट्र के रूप में अपनी मजबूत पहचान बनाए। उन्होंने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा इसी उद्देश्य के लिए समर्पित किया।
एपीजे अब्दुल कलाम द्वारा लिखी गई प्रमुख पुस्तकें (Books Written by APJ Abdul Kalam)
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम केवल महान वैज्ञानिक और भारत के पूर्व राष्ट्रपति ही नहीं थे, बल्कि वे एक प्रभावशाली लेखक और विचारक भी थे। उन्होंने अपनी पुस्तकों के माध्यम से अपने जीवन के अनुभव, संघर्ष, वैज्ञानिक सोच, राष्ट्र निर्माण की दृष्टि और युवाओं के लिए अपने संदेश को लोगों तक पहुँचाया।
उनकी किताबों में सफलता, शिक्षा, नेतृत्व, राष्ट्र निर्माण, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच जैसे विषयों पर विशेष जोर देखने को मिलता है। उनकी कुछ प्रमुख पुस्तकें निम्नलिखित हैं:
- विंग्स ऑफ फायर (Wings of Fire)
यह डॉ. कलाम की प्रसिद्ध आत्मकथा है, जिसे उन्होंने अरुण तिवारी के साथ लिखा था। इसमें उनके बचपन, परिवार, शिक्षा, शुरुआती संघर्ष और वैज्ञानिक जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं का वर्णन किया गया है। यह पुस्तक युवाओं के बीच विशेष रूप से लोकप्रिय रही है और संघर्ष से सफलता तक की उनकी यात्रा को समझने में मदद करती है। - इंडिया 2020 (India 2020)
इस पुस्तक में डॉ. कलाम ने भारत के भविष्य और देश को एक विकसित राष्ट्र बनाने की अपनी दृष्टि प्रस्तुत की है। इसमें विज्ञान, तकनीक, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक विकास जैसे क्षेत्रों में भारत की संभावनाओं पर चर्चा की गई है। - इग्नाइटेड माइंड्स (Ignited Minds)
यह पुस्तक मुख्य रूप से भारत के युवाओं की क्षमता और उनकी भूमिका पर केंद्रित है। डॉ. कलाम का मानना था कि देश के युवा अपनी प्रतिभा और रचनात्मक सोच के माध्यम से भारत के भविष्य को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। - माय जर्नी (My Journey)
इस पुस्तक में डॉ. कलाम ने अपने जीवन से जुड़ी कई घटनाओं और अनुभवों को साझा किया है। इसमें उनके जीवन के विभिन्न पड़ावों और उनसे मिली सीखों को सरल और प्रेरणादायक तरीके से प्रस्तुत किया गया है। - टर्निंग पॉइंट्स (Turning Points)
यह पुस्तक उनके जीवन और सार्वजनिक जीवन के महत्वपूर्ण अनुभवों पर आधारित है। इसमें विशेष रूप से राष्ट्रपति पद के दौरान सामने आए अनुभवों और उनके विचारों को समझने का अवसर मिलता है।
इन पुस्तकों के अलावा डॉ. कलाम ने “Transcendence” और “A Manifesto for Change” जैसी पुस्तकों में भी अपने विचार साझा किए। उनकी रचनाओं में युवाओं को प्रेरित करने, सकारात्मक सोच विकसित करने और देश के विकास में योगदान देने का संदेश प्रमुख रूप से दिखाई देता है।
भारत के राष्ट्रपति के रूप में कार्यकाल (Presidential Tenure)
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने 2002 में भारत के 11वें राष्ट्रपति के रूप में पदभार संभाला। उनका राष्ट्रपति बनना इसलिए भी विशेष था क्योंकि वे राजनीति की पारंपरिक पृष्ठभूमि से नहीं आए थे, बल्कि एक वैज्ञानिक और शिक्षाविद् के रूप में अपनी पहचान बना चुके थे।

राष्ट्रपति बनने के बाद भी उन्होंने अपनी सादगी और सहज व्यवहार को बनाए रखा। वे आम नागरिकों और विशेष रूप से विद्यार्थियों तथा युवाओं के साथ संवाद करना पसंद करते थे। इसी कारण वे लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हुए और उन्हें “जनता के राष्ट्रपति” के रूप में जाना जाने लगा।
अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान डॉ. कलाम ने युवाओं की शिक्षा और उनके भविष्य को विशेष महत्व दिया। उनका मानना था कि किसी भी देश की वास्तविक शक्ति उसके युवा नागरिकों में होती है। वे विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने, ज्ञान प्राप्त करने और अपने लक्ष्यों के लिए लगातार प्रयास करने के लिए प्रेरित करते थे।
राष्ट्रपति भवन में रहने के दौरान भी उन्होंने अपनी सादगीपूर्ण जीवनशैली को बनाए रखा। वे दिखावे से दूर रहते थे और अपने सार्वजनिक जीवन में शिक्षा, विज्ञान, राष्ट्र निर्माण तथा युवाओं के विकास से जुड़े विषयों पर अधिक ध्यान देते थे।
उनका राष्ट्रपति कार्यकाल 2002 से 2007 तक रहा। पद से हटने के बाद भी उन्होंने सार्वजनिक जीवन से दूरी नहीं बनाई। उन्होंने देशभर के स्कूलों, कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों में जाकर विद्यार्थियों से संवाद किया और उन्हें अपने सपनों को लक्ष्य में बदलने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. कलाम का जीवन दर्शन और प्रेरणा (Life Philosophy and Inspiration)
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का जीवन दर्शन उनके पूरे व्यक्तित्व और कार्यों में दिखाई देता है। वे हमेशा बड़े लक्ष्य निर्धारित करने, ज्ञान प्राप्त करने और लगातार मेहनत करने पर जोर देते थे। उनके अनुसार युवाओं के अंदर देश को बदलने की क्षमता होती है और उन्हें अपनी प्रतिभा का सही दिशा में उपयोग करना चाहिए।
उनका एक प्रसिद्ध विचार है कि “सपने वह नहीं हैं जो हम नींद में देखते हैं, सपने वह हैं जो हमें सोने नहीं देते।” यह विचार उनके जीवन दर्शन को दर्शाता है कि केवल सपना देखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उस सपने को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करना भी जरूरी है।
डॉ. कलाम की Vision 2020 की सोच का उद्देश्य भारत को एक विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में देखने का था। वे विज्ञान, तकनीक, शिक्षा और नवाचार को देश के विकास का महत्वपूर्ण आधार मानते थे।
उन्होंने अपने भाषणों और पुस्तकों के माध्यम से विद्यार्थियों और युवाओं से लगातार संवाद किया। वे उन्हें असफलताओं से डरने के बजाय उनसे सीखने की प्रेरणा देते थे। उनका मानना था कि असफलता किसी व्यक्ति की अंतिम पहचान नहीं होती, बल्कि वह सफलता की दिशा में सीखने का एक अवसर हो सकती है।
डॉ. कलाम का जीवन इस बात का उदाहरण है कि साधारण शुरुआत करने वाला व्यक्ति भी अपनी मेहनत, अनुशासन और ज्ञान के बल पर असाधारण उपलब्धियाँ हासिल कर सकता है। उनके विचार आज भी विद्यार्थियों, शिक्षकों, वैज्ञानिकों और युवाओं के लिए प्रेरणादायक बने हुए हैं।
एपीजे अब्दुल कलाम को मिले पुरस्कार और सम्मान (Awards and Honours)
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को विज्ञान, तकनीक, राष्ट्र निर्माण और सार्वजनिक जीवन में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों और सम्मानों से सम्मानित किया गया।
भारत सरकार ने उन्हें देश के प्रमुख नागरिक सम्मानों से सम्मानित किया। उन्हें पद्म भूषण, पद्म विभूषण और बाद में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया।
उनकी वैज्ञानिक उपलब्धियों और राष्ट्रीय योगदान के लिए उन्हें विभिन्न संस्थानों और संगठनों द्वारा भी अनेक सम्मान प्रदान किए गए। भारत के अंतरिक्ष और रक्षा क्षेत्र को मजबूत करने में उनकी भूमिका को व्यापक रूप से मान्यता मिली।
डॉ. कलाम के सम्मान केवल उनके वैज्ञानिक कार्यों तक सीमित नहीं थे। युवाओं को शिक्षा, विज्ञान और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करने में उनके योगदान को भी विशेष रूप से याद किया जाता है।
उनका व्यक्तित्व इस बात का उदाहरण था कि वैज्ञानिक उपलब्धियों के साथ-साथ समाज और आने वाली पीढ़ियों के प्रति जिम्मेदारी निभाना भी महत्वपूर्ण है। उनके पुरस्कार और सम्मान उनके लंबे सार्वजनिक एवं वैज्ञानिक जीवन में किए गए योगदान की व्यापक मान्यता को दर्शाते हैं।
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का निधन और विरासत (Death and Legacy)
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का निधन 27 जुलाई 2015 को मेघालय के भारतीय प्रबंधन संस्थान शिलांग (IIM Shillong) में हुआ। उस समय वे विद्यार्थियों को संबोधित करने के लिए वहाँ पहुँचे थे। भाषण के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई और बाद में उनका निधन हो गया।
अपने जीवन के अंतिम समय तक वे विद्यार्थियों और युवाओं के साथ संवाद करते रहे। यह बात उनके जीवन के उस उद्देश्य को दर्शाती है, जिसमें उन्होंने शिक्षा और युवाओं के विकास को विशेष महत्व दिया था।
डॉ. कलाम की विरासत केवल उनके वैज्ञानिक कार्यों और राष्ट्रपति पद तक सीमित नहीं है। वे एक वैज्ञानिक, शिक्षक, लेखक और प्रेरणादायक व्यक्तित्व के रूप में आज भी याद किए जाते हैं।
उनकी पुस्तकें, भाषण और विचार आज भी विद्यार्थियों और युवाओं के बीच लोकप्रिय हैं। उन्होंने लोगों को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने, मेहनत करने और देश के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
उनकी सबसे बड़ी विरासतों में से एक यह विचार है कि भारत के विकास में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने विज्ञान और शिक्षा को राष्ट्र निर्माण के साथ जोड़ने की आवश्यकता पर लगातार जोर दिया।
आज भी डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का जीवन उन लोगों के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने जीवन में बड़ा लक्ष्य हासिल करना चाहते हैं। उनका जीवन यह संदेश देता है कि निरंतर प्रयास, सीखने की इच्छा और सकारात्मक सोच व्यक्ति को आगे बढ़ने में मदद कर सकती है।
निष्कर्ष (Conclusion)
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जीवनी संघर्ष, मेहनत, ज्ञान, सादगी और उपलब्धियों की प्रेरणादायक कहानी है। एक साधारण परिवार में जन्म लेने वाले अब्दुल कलाम ने अपनी मेहनत और शिक्षा के बल पर वैज्ञानिक के रूप में देश के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया और बाद में भारत के राष्ट्रपति पद तक पहुँचे।
उनके जीवन से यह सीख मिलती है कि सफलता केवल सुविधाओं और संसाधनों पर निर्भर नहीं होती। व्यक्ति की मेहनत, अनुशासन, सीखने की इच्छा और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पण भी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। डॉ. कलाम ने अपने जीवन में अनेक कठिनाइयों का सामना किया, लेकिन उन्होंने कभी अपने लक्ष्य से पीछे हटना नहीं सीखा।
युवाओं के लिए डॉ. कलाम की शिक्षाएँ विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने हमेशा शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, रचनात्मक सोच और नैतिक मूल्यों को महत्व दिया। वे चाहते थे कि भारत के युवा केवल नौकरी पाने के बारे में न सोचें, बल्कि नए विचार विकसित करें, समस्याओं का समाधान खोजें और देश के विकास में अपना योगदान दें।
उनकी Vision 2020 की सोच भारत को एक विकसित राष्ट्र के रूप में देखने की उनकी व्यापक दृष्टि को दर्शाती है। उनका मानना था कि राष्ट्र निर्माण केवल सरकार या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक की भूमिका इसमें महत्वपूर्ण होती है।
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का जीवन हमें बड़े सपने देखने और उन सपनों को पूरा करने के लिए लगातार मेहनत करने की प्रेरणा देता है। उनके विचार और कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए लंबे समय तक प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे। यही कारण है कि उन्हें भारत के महान वैज्ञानिकों, शिक्षकों और प्रेरणादायक व्यक्तित्वों में हमेशा याद किया जाएगा।







